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Noida Botanical Garden Ko Milegi Sanjeevani...By ugesh sarkar, Section Environment
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से नोएडा में प्रस्तावित नैशनल बॉटैनिकल गार्डन को लेकर यूपी की मुख्यमंत्री गंभीर हो गई हैं। उन्होंने नोएडा अथॉरिटी को आदेश दिया है इस प्रोजेक्ट को कैंसल करने के बाद की तस्वीर उनके सामने पेश की जाए। सूत्रों ने बताया कि मेट्रो स्टेशन बनने के बाद इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने की डिमांड आई है। इसे इंग्लैंड के कीव बॉटैनिकल गार्डन की तर्ज पर विकसित किए जाने की तैयारी है। इस गार्डन में हिमालय क्षेत्र से लेकर दक्षिण में तिरुपति मंदिर के पास पहाड़ी में पैदा होने वाले दुर्लभ पौधे लगाए जा चुके हैं।
सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने वर्ष 1997 में यह बॉटैनिकल गार्डन नोएडा में विकसित करने का फैसला किया था, तब आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू इस प्रोजेक्ट को हैदराबाद ले जाना चाहते थे। इसके लिए दिल्ली में बाकायदा लॉबिंग हुई थी। आखिरकार इसे नोएडा में स्थापित करने पर फैसला किया गया। फिलहाल देश का सबसे बड़ा बॉटैनिकल गार्डन हावड़ा में है। यह 1872 में स्थापित हुआ था। इसका कुल एरिया 272 एकड़ है। लखनऊ स्थित बॉटैनिकल गार्डन भी करीब ढाई सौ साल पुराना है। नोएडा में बॉटैनिकल गार्डन की प्लानिंग को 2006 में मुलायम सिंह के कार्यकाल में उस समय झटका लगा, जब नोएडा अथॉरिटी ने मंत्रालय से मेट्रो स्टेशन के लिए गार्डन कैंपस में जमीन मांगी। मिनिस्ट्री के इनकार करने के बाद अथॉरिटी ने बॉटैनिकल गार्डन की जमीन कैंसल कर दी। इसके बाद से यहां काम ठप पड़ा है। सूत्रों का कहना है कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अफसर इसे रिसर्च तक सीमित रखने की कोशिश में हैं, जबकि नोएडा अथॉरिटी और यूपी गवर्नमेंट इस गार्डन को पब्लिक में एनवायरनमेंट के प्रति जागरूकता बढ़ाने के हिसाब से डिवेलप कराना चाहती है। अगले कुछ दिनों में इस मामले में सीनियर अफसरों की बैठक फिर से होने जा रही है। शासन ने भी नोएडा अथॉरिटी से इस मामले में कुछ बिंदुओं पर जवाब मांगे हैं। Source: Navbharat Times नैशनल बॉटैनिकल गार्डन को मिलेगी संजीवनी
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